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Sunday, June 28, 2020

राजनीति का शिकार हुए अरिहंत वाटर प्लांट 37 दिन बाद खुला प्लांट का ताला




*राजनीतिक दबाव में अरिहंत आरो वाटर प्लांट सील, 37 दिन बाद खुला ताला।*
*राजनीतिक दबाव में अधिकारियों द्वारा बार बार किया जाता है अरिहंत आरो को परेशान*



नागदा में अरिहंत आरो वाटर प्लांट को आरो वाटर असोशियेसन की शिकायत पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा 37 दिन पूर्व सील कर दिया था। शिकायतकर्ता की शिकायत के मुख्य बिंदुओं पर कार्यवाही की मांग लेकिन आए अधिकारी नागदा से 3 किलोमीटर दुर नायन गाँव मार्ग से ग्राम विक्रमपुर मार्ग के अरिहंत वाटर प्लांट पर अधिकारियों की टीम पहुची जिसमे मुख्य रुप से खाद्य सुरक्षा अधिकारी नागदा अनुविभागीय अधिकाती राम प्रसाद वर्मा के आदेशानुसार नायब तहसीलदार अनु जैन ,खाद्य सुरक्षा अधिकारी सैलेश गुप्ता अपने अमले के साथ प्लांट पहुँचे। लॉक डाऊन में दिये गये आदेशो को मानते हुवे वाटर प्लांट का समय निर्धारित होने की वजह से प्लांट संचालक संदीप जैन अपने प्लांट से घर जा चुके थे। बिना सूचना दिए अधिकारी का प्लांट पर जाना ओर प्लांट का बन्द होना पाया जाना अधिकारी को समझ में नही आया । प्लांट संचालक को बार बार फोन लगाने पर मोबाईल का बंद होना पाया गया । जिसके कारण बार बार प्रयास करने पर भी संपर्क नही हो पाया। काफी समय इंतजार करने के बाद नायब तहसीलदार अनु जैन की मौजूदगी में  प्लांट सील कर दिया गया। दोनो गेट को सील कर अधिकारियों को बिना जांच के बेरंग लौटना पड़ा।


37 दिन बाद अधिकारियों को अचानक सपना आया सिल हुवे अरिहंत आरो वाटर  प्लांट पर की गई कार्यवाही का। आखिर क्यो हुवा ऐसा कि जब नागदा अनुविभागीय अधिकारी का स्थांतरण हुवा तो खाद्य सुरक्षा अधिकारी को आरो प्लांट की याद आई। यह पुरा मामला कही ना कही कई सवाल खड़े करता है की राजनिती की भेट चड़ गया था अरिहंत आरो प्लांट।

सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार कूछ  जनप्रतिनिधि अधिकारियों की आड़ में अपने हित लाभ के चलते अरिहंत आरो पर कार्यवाही का ताना बाना बुनते है ओर प्रयासरत रहते है की अरिहंत आरो को कैसे सील करवाया जाये। आरो वाटर एसोसिएशन को कुछ चुनींदा लोगो का सरक्षंण मिल रहा है जिसके कारण वाटर  प्लांट मालिकों की आपस की लड़ाई में  जनप्रतिनिधि एवं अधिकारि फायदा उठा रहे है।

टारगेटेड अरिहंत वाटर प्लांट आज खुला तो नवागत अनुविभागीय अधिकारी श्री पुरुषमतम कुमार जी के आगमन पर आदेशा अनुसार आज एक बार फिर  प्रशानिक अमला प्लांट पर पहुँचा जिसमे नायब तहसीलदार सलोनी पटवा,जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री शैलेष गुप्ता ,अपने दल के साथ पहुँच कर अरिहंत वाटर प्लांट 37 दिन पहले सील किया गया आज प्लांट मालिक को  सूचना दे कर मौके पर उपस्थित रह कर पुख्ता जानकारी के साथ शिकायतकर्ता की शिकायत के मुख्य बिंदुओं की जांच कर शनिवार को सील प्लांट को स्वतंत्र कर दिया ।

प्लांट संचालक ने नाराजगी जताते हुवे झूठी शिकायत पर अधिकारियों के सामने सच्चाई की गुहार लगाई। कहा की मेरे प्लांट से 200 से 300 मजदूरों का रोजगार चलता है। आज 37 दिन से प्लांट सील किया हुवा था। मजदूरो को इस बन्द प्लांट के कारण वेतन नही हो पाया। मजदूरों और इनके परिवार को प्रताड़ित होना पड़ा। मेरा भी बहुत नुकासान हुआ । मेरी क्या गलती थी यही ना की मैने सिर्फ शहर को शुद्ध पानी और ग्रामीणों को रोजगार दिया क्या गलत किया। 10 रुपय में पानी देना कौन सा गुनाह है मै आज सभी के सामने कह रहा हूँ कि प्लांट चालू होते ही मै पूरे साल भर अपने ग्राहको को 10 रुपय मे पानी दूँगा जिसे जितनी तकलिफ देनी हो देता रहे।

 *आपकी आवाज* संपादक* *प्रशांत वैश्य**7999057770*

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