*ग्रेसिम ने ठेका श्रमिको को घर बैठे वेतन देने से किया इंकार - श्रम संगठन के नेताओं के साथ हुई बैठक में लिया फैसला* - Aapki Awaaz

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*ग्रेसिम ने ठेका श्रमिको को घर बैठे वेतन देने से किया इंकार - श्रम संगठन के नेताओं के साथ हुई बैठक में लिया फैसला*

 विष्णु शर्मा/ नागदा


*ग्रेसिम ने ठेका श्रमिको को घर बैठे वेतन देने से किया इंकार - श्रम संगठन के नेताओं के साथ हुई बैठक में लिया फैसला*


कोविड 19 के चलते लॉक डाऊन में घर बैठे ग्रेसिम उद्योग में कार्यरत लगभग साढ़े  तीन हजार मजदूरों के सामने आर्थिक संकट गहराता जा रहा है आने वाले दीन ओर भी ज्यादा तकलिफदेय होने वाले है। शनिवार को श्रम संगठन के नेताओं के साथ हुई ग्रेसिम उद्योग प्रबंधन के अधिकारियो के साथ बैठक में उद्योग ने ठेका मजदूरों को घर बैठे वेतन देने की बात को सिरे से नकारते हुवे साफ मना कर दिया की वेतन नही दिया जायेगा।

23 मार्च 2020 से लॉक डाऊन के चलते राज्य सरकार ने दिशा निर्देश को मानते हुवे उद्योग को बन्द कर दिया गया था ।हालाकि शासन के नये आदेश के बाद उद्योग को पुन: प्रारंभ कर दिया गया किन्तु कोरोना की वजह से आर्थिक मंदी के मार झेल रहा उद्योग मजदूरों को वेतन देने में भी असमर्थता महसूस कर रहा है। कोविड 19 के चलते देश विदेश के कपड़ा उद्योग बन्द पड़े है जिसके कारण ग्रेसिम उद्योग द्वारा किया गया उत्पादन स्टेबल फायबर की मांग ना के बराबर हो गई है ।वर्तमान मे उद्योग की केवल पाँच मशीने ही उत्पादन में जुटी है। ग्रेसिम उद्योग का उत्पादन प्रतिशत घट चुका है। उत्पादन किया जा रहा है किन्तु उत्पादित माल बिक नही रहा है जिसे गोदामो में स्टोर किया जा रहा है और अब तो यह नौबत आ गई है की उत्पादित माल को रखने की जगह भी उद्योग के पास नही बची है।
*रोटेशन पद्धति के तहत स्थाई श्रमिकों को दिया जाय

 
 श्रम संगठन के नेताओं के साथ हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि एक जुलाई से स्थाई श्रमिकों को रोटेशन पद्धति के तहत कार्य पर बुलाया जायेगा ।जो श्रमिक जितने दीन कार्य पर आयेगा उसे उतना दीन का वेतन दिया जायेगा। और जिस दीन श्रमित कार्य पर नही आयेगा उस दीन का श्रमिक को आधा वेतन दिया जायेगा। ग्रेसिम उद्योग में 1750 के लगभग स्थाई श्रमिक कार्यरत है जिनमे से 300 से 350 श्रमिको को ही उद्योग के भीतर कार्य पर भुलाया जा रहा है।

*आपकी आवाज*
*संपादक*

*प्रशांत वैश्य*
7999057770