आर्थिक तंगी से जूझ रहे निःसंतान वृध्द दम्पत्तियों की नई पेंशन योजना के लिये विधायक गुर्जर ने उठाई आवाज।* - Aapki Awaaz

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आर्थिक तंगी से जूझ रहे निःसंतान वृध्द दम्पत्तियों की नई पेंशन योजना के लिये विधायक गुर्जर ने उठाई आवाज।*

 विष्णु शर्मा/ उज्जैन


*आर्थिक तंगी से जूझ रहे निःसंतान वृध्द दम्पत्तियों की नई पेंशन योजना के लिये विधायक गुर्जर ने उठाई आवाज।*


 *80 वर्ष से अधिक उम्र के वृद्धजनों को मिलनी चाहिए 2000 तक पेंशन*

*कल्याणी, विधवा, परित्यागता पेंशन के नियमों को किया जाये शिथिल- विधायक गुर्जर*



नागदा जं.। निःसंतान दम्पत्तियों हेतू नई पेंशन योजना प्रारंभ करने व कल्याणी पेंशन योजना में मृत्यु प्रमाण-पत्र/तलाक कागजों में शिथिलता प्रदान करने व 80 वर्ष से अधिक आयु के बुजूर्गो को 2000 रूपये पेंशन प्रदान करने की मांग विधायक दिलीपसिंह गुर्जर ने थावरचंद गेहलोत सामाजिक न्याय मंत्री भारत सरकार व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चैहान को पत्र लिखकर की है।
श्री गुर्जर ने चर्चा में बताया कि वर्तमान में शासन द्वारा विकलांग, विधवा/परित्यागता महिलाओं तथा बीपीएल धारी 60 वर्ष से अधिक उम्र के वृद्धजनों को ही पेंशन प्रदान की जा रही है।
शासन द्वारा निःसंतान दम्पत्तियों हेतू कोई पेंशन योजना नहीं चलाई जा रही है। जिससे कि वृद्धावस्था में उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पडता है। परिवार नहीं होने के कारण वह अकेले रहते है तथा आर्थिक तंगी का सामना करते है। इसलिए इनके लिए नई पेंशन योजना प्रारंभ की जाना चाहिए।
कल्याणी पेंशन योजना अन्तर्गत पात्र आने वाली विधवा महिलाओं विशेषकर ग्रामीण को जिनके पति की मृत्यु 10-15 वर्ष पूर्व होने से व मृत्यु प्रमाण-पत्र नहीं होने से उनको उक्त योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।
इसी प्रकार परित्यागता महिलाओं को मिलने वाली पेंशन में तलाक प्रमाण-पत्र होना अनिवार्य है किन्तु ग्रामीण क्षैत्रों में तथा कई समाजों में सामाजिक रिती रिवाज से पति-पत्नि के संबंध विच्छेद हो जाते है। जिसके कारण उनके पास कोई तलाक का प्रमाण-पत्र नहीं होता है। इसलिए कल्याणी पेंशन योजना व परित्यागता पेंशन योजना में नियमों को शिथिल किए जाने की आवश्यकता है। जिससे की इन महिलाओं को पेंशन प्राप्त हो तथा इनकी आर्थिक रूप से मदद हो सके।
80 वर्ष से अधिक आयु के बुजूर्गो को 600 रूपये प्रतिमाह से अधिक पेंशन प्रदान की जाना वृद्धजनों के हित में आवश्यक होगा। क्योंकि वृद्धजन कई बिमारियों से ग्रसित रहते है तथा इन्हें देखभाल की ज्यादा आवश्यकता रहती है। इन्हें 2000 रूपये पेंशन दिया जाना चाहिए।
श्री गुर्जर ने कहां है कि पत्र के अलावा आने वाले समय में विधानसभा में भी इस जनहितैषी मुद्दो को उठाकर शासन का ध्यान आकर्षित किया जायेगा।

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