मनुष्य भौतिक सुखों के पीछे दौड़ता रहता है और इस नश्वर सुख को पाने के लिए अनेकों पाप भी करता है* - Aapki Awaaz

Breaking

Post Top Ad

Responsive Ads Here

Sunday, July 5, 2020

मनुष्य भौतिक सुखों के पीछे दौड़ता रहता है और इस नश्वर सुख को पाने के लिए अनेकों पाप भी करता है*

*मनुष्य भौतिक सुखों के पीछे दौड़ता रहता है और इस नश्वर सुख को पाने के लिए अनेकों पाप भी करता है* 


चातुर्मास काल आराधना का समय है इन दिनों हमें विशेष रूप से सामायिक ,पूजन, प्रवचन, प्रतिक्रमण,तप कर अपनी आत्मा का उद्धार करना चाहिए। मनुष्य भौतिक सुखों के पीछे दौड़ता रहता है और इस नश्वर सुख को पाने के लिए अनेकों पाप भी करता है लेकिन जो पाप आपने किया वहां आपको ही भुगतना है आपका परिवार उसे भुगतने के लिए तैयार नहीं होगा यह कठोर सच्चाई है । उक्त प्रवचन चातुर्मास में विराजित साध्वी श्री अविचल दृष्टा श्री जी महाराज साहब ने दिए।
आगे आप ने फरमाया की सद्गति प्राप्त करने के लिए सच्चा गुरु का होना आवश्यक है यदि गुरु सच्चे पद प्रदर्शक़ नहीं है तो हम कभी भी सच्चे सुख को प्राप्त नहीं कर सकते हैं
चातुर्मास के दौरान आज गुरु पूर्णिमा के अवसर पर अखंड दीप स्थापना  की गई जिसका लाभ *सरदार मलजी देवेन्द्र कुमार*
*वनवट*  परिवार ने लिया


साध्वी श्री अविचल द्रस्ताश्रीजी म,.सा . ने वासाक्षप कर अखंड दीप स्थापना का मुहूर्त वनवट परिवार द्वारा करवाया। अखंड दीपक चातुर्मास काल में 5 माह तक निरंतर प्रज्वलित रहेगा।इस अवसर पर

 समिति अध्यक्ष राजेश वनवट, सुरेश मेहता, धरमचंद नांदेचा, राजेश भंडारी राजू नागदा, प्रशांत सुराणा राजेंद्र लुंकड आदि समाज जन उपस्थित थे ।दीप स्थापना के पश्चात गुरुदेव की तस्वीर पर माल्यार्पण एवं आरती का चढ़ावा राजेश कुमार जी चिमन लाल जी सेठिया परिवार द्वारा लिया गया कार्यक्रम का संचालन श्री अशोक जी बरखेड़ा वाला द्वारा किया गया दिनांक 7 जुलाई को साध्वी जी को  शास्त्र वाचन हेतु लाभार्थी परिवार द्वारा वोहराया जाएगा।


*आपकी आवाज**संपादक**7999057770*

No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Responsive Ads Here