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Wednesday, July 29, 2020

कैप्सूल को लेकर अपने ही आमने सामने आ गए कौन सच्चा कौन झूठा जानने के लिए पड़े खबर पूरी

गुणवंत सिंह बघेल/मुंबई

कैप्सूल



के लिए हो गए आमने सामने श्री चौपाल जी और श्री चम्पत राय जी कौन सही कौन गलत आनेवाला समय बताएगा -

अधोध्या श्री राम की नगरी का पावन धाम से जो श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र महामंत्री श्री चंपत राय जी ने इसे काल्पनिक और निराधार बताया है. इसके पहले ट्रस्ट के ही सदस्य श्री कामेश्वर चौपाल जी ने कहा था कि मंदिर की नींव के 200 फीट नीचे टाइम कैप्सूल भी रखा जाएगा. श्री चंपत राय जे ने कहा कि उन्हीं बातों पर विश्वास करें जो आधिकारिक तौर पर कही जाएं.


श्री चंपत राय जी ने कहा- राम मंदिर के नीचे नहीं रखा जाएगा टाइम कैप्सूल
अयोध्या में बन रहे राम मंदिर की नींव में टाइम कैप्सूल रखने को लेकर माथापच्ची जारी है. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के सदस्य कामेश्वर चौपाल ने कहा कि टाइम कैप्सूल रखा जाएगा, वही महामंत्री चंपत राय ने इस खबर गलत बताया है.


राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य श्री कामेश्वर चौपाल जी ने रविवार को दावा किया था कि राम मंदिर के नीचे एक टाइम कैप्सूल रखा जायेगा, जिससे भविष्य में मंदिर से जुड़े तथ्यों को लेकर कोई विवाद न रहे. अब इस दावे को ट्रस्ट के महासचिव श्री चंपत राय जी ने खारिज कर दिया है और कहा कि यह खबर गलत है.

खबर गलत और मनगढ़ंत: चंपत राय
https://twitter.com/ShriRamTeerth/status/1288049382718242817?fbclid=IwAR2wXEquflx1UkzNiMCEtPZw0YiumdYHZMBwMaLuYK5V_apeKGmmx_0hY9Q

टाइम कैप्सूल एक कंटेनर की तरह होता है, जो एक विशेष प्रकार के धातु से बना होता है. यह धातु कई धातुओं का मिश्रण होता है, जो हजारों वर्षों तक सुरक्षित रह सकता है. रिपोर्ट्स में कहा गया था कि कैप्सूल के भीतर ताम्रपत्र पर राम मंदिर का इतिहास लिखा होगा, जिसमें राम मंदिर का नक्शा चित्र और साथ ही अहम जानकारी होगी.

जब इंदिरा ने लालकिले में 32 फीट नीचे डाला था टाइम कैप्सूल, मचा था बवाल


लाल किले के नीचे भी डाला गया था टाइम कैप्सूल

 भारतीय इतिहास में अयोध्या मंदिर के पहले भी लाल किले के 32 फीट नीचे भी टाइम कैप्सूल पड़ा है. 15 अगस्त 1973 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपने हाथ से टाइम कैप्सूल डाला था. दावा किया जाता है कि इस टाइम कैप्सूल में आजादी के बाद 25 वर्षों का घटनाक्रम साक्ष्य के साथ मौजूद था. हालांकि, तब सरकार के इस फैसले पर काफी विवाद भी हुआ था.

श्री कामेश्वर चौपाल जी का विडिओ भी दिखाता हूँ साक्ष  के रूप में।
https://www.youtube.com/watch?v=oy6N_Cje00o

कुछ बड़े चैनल भी इसको दिखाया वो भी परेशाान की कौन गलत कौन सही ?
उन्ही के कुछ लिंक उदाहरण के लिए दिखाता हूँ

https://aajtak.intoday.in/story/ayodhya-ram-mandir-bhoomipojan-time-capsule-controversy-kameshwar-chaupal-champat-rai-1-1214573.html?utm_source=recengine&utm_medium=web&referral=yes&utm_content=footerstrip-10&t_source=recengine&t_medium=web&t_content=footerstrip-10&t_psl=False&fbclid=IwAR3m0ih5REZxl5ygQKwnTHBNvwuW2EMUu1COUbUbKHeuB1XoesTls_CA8WI


https://zeenews.india.com/hindi/india/up-uttarakhand/video/champat-rai-overturned-by-chaupals-statement-on-time-capsule-in-ram-mandir/719562?fbclid=IwAR1ktMS26mmI0lCAUDEzYEPiq95gtGwLETCOfeA1-Kv3WrSU98xpkx0nwVw



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